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श्री राम मंदिर पंचकुइया आश्रम, इंदौर

श्री राम मंदिर पंचकुइया आश्रम इंदौर की पश्चिमी भूमि पर स्थित एक ऐसा पवित्र स्थल है, जहाँ श्रद्धा, भक्ति और सेवा का अनूठा संगम देखने को मिलता है। यह स्थान केवल एक मंदिर नहीं, बल्कि सनातन धर्म की महान परंपरा और संस्कृति का जीवंत केंद्र है।

यहाँ आने वाला हर भक्त आध्यात्मिक शांति, दिव्य ऊर्जा और परम आनंद का अनुभव करता है। मंदिर परिसर में स्थापित विभिन्न देवालय और आश्रम की सेवा गतिविधियाँ भक्तों के जीवन को नई दिशा देती हैं।

आध्यात्मिक महत्व और इतिहास

इस पावन आश्रम की स्थापना विक्रम संवत 1650 में परम पूज्य ठाकुरदास जी महाराज ने की थी। उद्देश्य था—सनातन धर्म का प्रचार-प्रसार और समाज में धर्म की ज्योति प्रज्वलित करना।

यहाँ भगवान श्रीराम जी अपने चारों भाइयों सहित, भगवान नरसिंह, हनुमान जी महाराज, पंचेश्वर महादेव, नर्मदेश्वर महादेव, विश्वेश्वर महादेव, श्रीरामकृष्ण मंदिर और खेड़ापति सरकार विराजमान हैं।

हर देवालय अपनी विशिष्टता और दिव्यता से भक्तों को आशीर्वाद प्रदान करता है।

“सर्वधर्मान्परित्यज्य मामेकं शरणं व्रज।
अहं त्वां सर्वपापेभ्यो मोक्षयिष्यामि मा शुचः॥”

यह श्लोक इस स्थान के आध्यात्मिक संदेश को और गहराई देता है—कि जो भी भक्त यहाँ सच्चे मन से आता है, उसकी मनोकामनाएँ भगवान श्रीराम अवश्य पूरी करते हैं।

महंत श्री राम गोपाल दास महाराज जी

महंत श्री राम गोपाल दास महाराज जी श्री राम मंदिर पंचकुइया आश्रम के आध्यात्मिक मार्गदर्शक और प्रेरणास्रोत हैं। भक्ति, सेवा और सनातन धर्म के प्रचार-प्रसार में उनका जीवन समर्पित है। उनकी देखरेख में मंदिर में नियमित पूजा-अर्चना, धार्मिक आयोजन और सेवा कार्य संचालित होते हैं। महंत जी का स्नेह, सरलता और मार्गदर्शन हर भक्त के हृदय को छू लेता है। वे समाज में प्रेम, शांति और सद्भाव फैलाने के साथ-साथ युवा पीढ़ी को धर्म और संस्कृति से जोड़ने का कार्य भी निरंतर करते हैं।

मार्गदर्शन में—

श्री राम मंदिर पंचकुइया आश्रम

आश्रम की गतिविधियां और सेवा

श्री महंत श्री राम गोपाल दास महाराज जी के आशीर्वाद से आश्रम में विभिन्न धार्मिक एवं सामाजिक सेवाएं निरंतर चलती रहती हैं। यहाँ पर साधु-संतों की सेवा, गोवंश की देखभाल और पक्षियों के लिए दाना-पानी की व्यवस्था जैसे कार्य प्रेम और श्रद्धा से किए जाते हैं। आश्रम का उद्देश्य केवल आध्यात्मिक उन्नति ही नहीं, बल्कि जीव-जंतुओं और पर्यावरण की रक्षा भी है। इन सेवाओं के माध्यम से आश्रम समाज में दया, करुणा और मानवता का संदेश फैलाता है।

गौ सेवा

आश्रम में गौ सेवा को अत्यंत महत्व दिया जाता है। यहाँ गौवंश की देखभाल, पोषण और चिकित्सा की उत्तम व्यवस्था की जाती है। प्रतिदिन गायों को पौष्टिक चारा और स्वच्छ जल उपलब्ध कराया जाता है, जिससे उनका स्वास्थ्य और कल्याण सुनिश्चित हो सके।

पक्षी सेवा

आश्रम में पक्षियों के लिए विशेष दाना-पानी की व्यवस्था की जाती है। गर्मी हो या सर्दी, पक्षियों को समय-समय पर भोजन और पानी उपलब्ध कराया जाता है,
जिससे उनके जीवन की रक्षा हो सके और पर्यावरण में संतुलन बना रहे।

संत सेवा

संत सेवा आश्रम की प्रमुख परंपरा है। यहाँ आने वाले साधु-संतों का आदरपूर्वक स्वागत किया जाता है और उन्हें आवास, भोजन एवं आवश्यक सुविधाएं प्रदान की जाती हैं।
यह सेवा अध्यात्मिक मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती है।

गुरुकुल – शिक्षा और संस्कार का संगम

श्री राम मंदिर पंचकुइया आश्रम का गुरुकुल केवल पढ़ाई का स्थान नहीं, बल्कि संस्कार और संस्कृति का केंद्र है। यहाँ बच्चों को वैदिक ज्ञान, शास्त्रों का अध्ययन और साथ ही आधुनिक शिक्षा भी दी जाती है।

गुरुकुल का उद्देश्य है –

विद्या ददाति विनयं, विनयाद् याति पात्रताम्। (विद्या विनम्रता देती है और विनम्रता से मनुष्य योग्य बनता है।)

आपका छोटा सा योगदान भी किसी बच्चे की शिक्षा और उज्ज्वल भविष्य की नींव रख सकता है। आइए मिलकर भारतीय संस्कृति और संस्कारों को आगे बढ़ाएँ।

परिसर में स्थित सभी मंदिर

श्री राम मंदिर पंचकुइया आश्रम केवल एक मंदिर नहीं, बल्कि यह कई दिव्य मंदिरों का संगम है। प्रत्येक मंदिर का अपना ऐतिहासिक, आध्यात्मिक और सांस्कृतिक महत्व है, जो भक्तों को अद्वितीय अनुभव और आशीर्वाद प्रदान करता है। यहाँ आने वाला हर भक्त विभिन्न देवताओं के दर्शन कर उनके चरणों में शांति और सुख की प्राप्ति करता है।

विश्‍वेश्वर महादेव

विश्वेश्वर महादेव मंदिर आश्रम का एक अत्यंत पवित्र और शक्तिपूर्ण स्थल है। यहाँ भगवान शिव विश्वेश्वर रूप में विराजमान हैं, जिन्हें “विश्व के ईश्वर” कहा जाता है। भक्त यहाँ जल, बेलपत्र, और रुद्राक्ष अर्पित करके जीवन के कष्टों से मुक्ति और मनोकामना पूर्ति की प्रार्थना करते हैं।

kheda pati hanuman mandir - indore

खेड़ापति हनुमान

खेड़ापति हनुमान जी महाराज आश्रम में भक्तों के रक्षक और संकटमोचक के रूप में पूजे जाते हैं। “खेड़ापति” का अर्थ है—सभी प्रकार की व्याधियों, संकटों और दुखों को दूर करने वाले। यहाँ भक्त मंगलवार और शनिवार को विशेष रूप से हनुमान जी के दर्शन के लिए आते हैं।

राम और कृष्ण

श्रीराम और कृष्ण मंदिर आश्रम का अत्यंत भव्य स्थल है। यहाँ भगवान श्रीराम जी और भगवान श्रीकृष्ण जी दिव्य स्वरूप में विराजमान हैं। यह मंदिर भक्तों को धर्म, भक्ति और प्रेम का अद्भुत संदेश देता है।

दान और सहयोग

आपका छोटा सा योगदान भी सेवा का बड़ा कार्य बन सकता है

श्री राम मंदिर पंचकुइया आश्रम की सभी सेवाएं और गतिविधियां भक्तों के सहयोग और आशीर्वाद से निरंतर संचालित होती हैं। आपका दिया हुआ हर छोटा-बड़ा योगदान, सेवा और भक्ति के कार्यों को और भी मजबूत बनाता है। आपके सहयोग से आश्रम में गौशाला का संचालन, गायों के भोजन और चिकित्सा की व्यवस्था, साधु-संतों के आवास और भोजन की सेवा, पक्षियों के लिए दाना-पानी की व्यवस्था, गुरुकुल में निःशुल्क शिक्षा और बच्चों की आवश्यकताओं की पूर्ति, धार्मिक आयोजनों और भंडारों का संचालन, तथा स्वास्थ्य शिविर और चिकित्सा सेवा जैसे कार्य सुचारु रूप से चलते हैं।

आपके द्वारा दिया गया दान हमारे मंदिरों की देखभाल, धार्मिक आयोजन और सेवा कार्यों में उपयोग किया जाता है।